कुशीनगर जिले के तरयासुजान थाना क्षेत्र में हुई एक बुजुर्ग की हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी है। सुमही उर्फ मेहदिया गांव निवासी अब्दुल हसन की गला रेतकर की गई हत्या के मामले में पुलिस अब बिहार के संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही है। इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी मृतक का सगा भतीजा शमसुल बताया जा रहा है, जो वारदात के बाद से ही फरार है।
जमीनी विवाद बना मौत का कारण
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह जघन्य अपराध पुश्तैनी जमीन के विवाद से जुड़ा है। अब्दुल हसन ने अपने भतीजे शमसुल द्वारा कूटरचित दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने के खिलाफ अदालत में केस जीत लिया था। 1 अगस्त को जब वह कोर्ट से आदेश की कॉपी लेने जा रहे थे, तब रास्ते में बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों ने उनकी गला रेतकर हत्या कर दी।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
इस मामले में आरोपी की पत्नी को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस पूछताछ के दौरान उसने जांच की दिशा भटकाने के लिए कुछ फर्जी तस्वीरें दिखाकर गुमराह करने की कोशिश की थी, जिसका पर्दाफाश तकनीकी जांच के बाद हो गया।
सड़क पर प्रदर्शन और प्रशासन का आश्वासन
अब्दुल हसन की अस्पताल में मौत के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पुलिस अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर मुख्य साजिशकर्ताओं और हमलावरों की गिरफ्तारी का ठोस आश्वासन दिया है, जिसके बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो सकी। वर्तमान में पुलिस की विशेष टीमें बिहार के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।