आवागमन पर मंडराया संकट
कुशीनगर के खड्डा और महाराजगंज के निचलौल ब्लॉक को जोड़ने वाले रोहुआ नाले में मंगलवार दोपहर अचानक जलस्तर बढ़ने से स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दो दिन पहले यह नाला लगभग सूख गया था, लेकिन पानी के बढ़ते दबाव ने 60 हजार की आबादी के लिए आवागमन का संकट खड़ा कर दिया है।
प्रभावित क्षेत्र और मार्ग
यह नाला मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर और नारायणपुर समेत दर्जनों गांवों को निचलौल ब्लॉक के सोहगीवरवा बरवा क्षेत्र से जोड़ता है। स्थानीय लोग इसी मार्ग का उपयोग कर बिहार के नौरंगिया और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व होते हुए खड्डा तक पहुंचते हैं। वर्तमान में ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से पैदल और वाहनों से आवाजाही करने को मजबूर हैं।
प्रशासनिक स्थिति और कारण
स्थानीय लोगों के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा के पास गंडक नदी की धारा बदलने और कटान के कारण जल का फैलाव हुआ है, जो सोहगीवरवा बरवा के रास्ते रोहुआ नाले तक पहुंच रहा है। यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रहती है, तो जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क बनाए रखने के लिए नाव का संचालन करना पड़ सकता है। फिलहाल, संबंधित विभागों द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।