उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आशियाना थाने में तैनात रहे वरिष्ठ उपनिरीक्षक (SSI) धर्मवीर शाही पर एक बीएड छात्रा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा, जो पहले से ही एक रेप केस की पीड़िता थी, ने दरोगा पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण, मारपीट और धमकी देने का मामला दर्ज कराया है।
जांच के नाम पर बनाया शिकार
पीड़िता ने पहले बस्ती जिले के एक युवक के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया था। ‘जीरो एफआईआर’ के तहत केस आशियाना थाने ट्रांसफर हुआ, जिसकी जांच का जिम्मा दरोगा धर्मवीर शाही को मिला। आरोप है कि जांच के बहाने दरोगा ने पीड़िता से नजदीकियां बढ़ाईं और उसे धमकी भरे लहजे में कहा, ‘मुझसे संबंध बना लो, मेडिकल रिपोर्ट सही बनवा दूंगा।’
शादीशुदा होने का सच और प्रताड़ना
पीड़िता का दावा है कि आरोपी दरोगा उसे वाराणसी ले गया, जहां उसे पता चला कि धर्मवीर पहले से ही शादीशुदा है। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपी ने मारपीट की और अपनी पुलिसिया पहुंच का रौब दिखाते हुए उसे चुप रहने की धमकी दी। इतना ही नहीं, 30 जुलाई की रात पीड़िता को थाने बुलाकर उसके साथ अभद्रता की गई और उसका मोबाइल छीनकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई।
निलंबन और सख्त कार्रवाई
मामले के तूल पकड़ते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने जानकारी दी कि आरोपी एसएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एसीपी कैंट को इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच सौंपी गई है। पुलिस ने साफ किया है कि सभी डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।