कुशीनगर: जिले के सेमरियावां ब्लॉक अंतर्गत पुरैना मंसूर-गंगौली मार्ग अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा यह मार्ग पिछले एक साल से पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिससे स्थानीय निवासियों और स्कूली विद्यार्थियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि चार साल पहले इस सड़क का निर्माण किया गया था, लेकिन निर्माण सामग्री की गुणवत्ता खराब होने के कारण कुछ ही दिनों में सड़क की गिट्टियां उखड़ गईं। आज स्थिति यह है कि मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे आए दिन राहगीर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए मुसीबत
ग्रामीणों हाजी बब्बन, जमील अहमद और रिजवान अहमद का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि स्कूली बसें अब गांव तक नहीं आ पा रही हैं। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भरने से कीचड़ का अंबार लग जाता है, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इस मार्ग का उपयोग केवल पुरैना के ग्रामीण ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जनपद बस्ती के नगहरा, नगहरी और मथुरापुर जैसे गांवों के लोग भी करते हैं।
प्रशासन से मरम्मत की मांग
ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सड़क मरम्मत की गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। चुनाव के समय वोट मांगने आने वाले नेता अब गांव की तरफ झांकने भी नहीं आते। अब ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस महत्वपूर्ण मार्ग का पुनरुद्धार कराया जाए ताकि क्षेत्रवासियों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।